चेतन मन के कार्य –

अब हम यहाँ चेतन मन के कुछ मुख्य कार्यों और उनकी शक्ति के बारे में जानने का प्रयास करेंगे l

संवेदना (Sensation) पर नियंत्रण –
हमारी आंखें, कान, नाक, जीभ, त्वचा इत्यादि इंद्रियों पर चेतन मन का नियंत्रण होता है, या यह कहे कि हमारी इन सारी इंद्रियों को चेतन नियंत्रित करता है l

हलन चलन (Movement) –
हमारे शारीर के हिलने-चलने को भी हमारा चेतन मन ही नियंत्रित करता है l

विचार (Thought) –
विचार करना हमारे चेतन मन का कार्य है l जब सुबह हम उठते है तब से ही हमारे मन में विचार शुरू हो जाते हैं और जब हम सो जाते है तो विचार बंद हो जाते हैं क्योंकि चेतन मन नींद में काम नहीं करता किंतु यहां पर यह जानना अनिवार्य है कि नींद में हमारे अवचेतन मन का कार्य जारी रहता है और हमें नींद में आने वाले सपनों के लिए हमारा अवचेतन मन उत्तरदायी है l

तर्क करना (Logic) –
कोई भी कार्य के बारे में सवाल करना जैसे कि क्या है ? क्यों है ? कैसे हैं ? कब है ? इत्यादि यह सब तर्क जो हमारे मन में आते हैं वह चेतन मन करता है l

पृथक्करण (Analysis) –
किसी भी पृथक्करण या Analysis के लिए हमारा चेतन मन उत्तरदायी होता है l

अर्थघटन/व्याख्या (Interpretation) –
हमारा चेतन मन ही किसी का अर्थघटन अर्थात व्याख्या करता है l

अवसर (Opportunity) –
किसी भी सही अवसर को पहचान या समझने का कार्य हमारे चेतन मन द्वारा ही संभव है l

सही और गलत की परख (Judgement) –
क्या सही है और क्या गलत, हम इसे चेतन मन से ही तय कर सकते हैं l अर्थात क्या सही है और क्या गलत इस बात का निर्धारण हमारा चेतन मन हीं करता है l

निर्णय (Decision) –
सही और गलत जानने के बाद हम जो निर्णय लेते हैं वह चेतन मन द्वारा ही लेते हैं l

अमल करना (Action) –
एक बार निर्णय लेने के बाद उसका अमल करना चेतन मन का कार्य होता है l

चुनना (Selection) –
हमारी किसी बात को पसंद ना-पसंद करना जैसे कि क्या करना है, क्या देखना, क्या खाना है, क्या खरीदना है आदि सभी चयन हम चेतन मन से ही करते हैं l

इच्छाएं (Desire) –
किसी भी काम, व्यक्ति या वास्तु विशेष के प्रति इच्छा जगाना चेतन मन का कार्य है l

विशेष – “अवचेतन मन के द्वार पर पहरेदारी करना” – कोई गलत विचार या बात हमारे अवचेतन मन में ना जाए इसलिए चेतन मन उसकी चौकीदारी करता है एवं खराब और नकारात्मक विचारों को अचेतन मन में जाने से रोकता है l